chandi devi

कनखल- हर की पैड़ी से पाँच किमी की दूरी पर स्थित कनखल नीलधारा व गंगा के संगम पर बसा है। शिव के ससुर दक्ष प्रजापति की यह राजधानी बताई जाती है। यही दक्ष प्रजापति ने अपनी पुत्री सती का विवाह शंकर के साथ किया। कहते हैं, एक बार राजा दक्ष ने बड़ा यज्ञ किया। मगर शिव व सती को आमंत्रित नहीं किया इसी से कुपित होकर सती ने यही योगविद्या से आत्मदाह कर लिया इसलिए कनखल शंकर महादेव की ससुराल के साथ-साथ शिव के तांडव नृत्य की साक्षी भी है।
कहते हैं यहाँ सतीकुण्ड में सच्चेमन से क्षमायाचना पूजन-स्नान-ध्यान से बड़े-बड़े पापों से भी मुक्ति मिल जाती है। कहा जाता है, रामायण काल में रावण के वध के बाद ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति को राम लक्ष्मण यहीं पधारे थे। महाकवि कालीदास के ‘मेघदूत’ में भी इसी कनखल का जिक्र आता है। पुराना हरिद्वार यही कनखल बताया जाता है।