chandi devi

हरिपद तीर्थ- शिवालिक की दो बाहुओं क्रमशः पूर्व में नील पर्वत और पश्चिम में विल्व पर्वत के बीच स्थित हरिद्वार अपने कई मोक्षदायी पुण्य स्थलों के लिए जाना जाता है। इनमें ‘हरिपद’ तीर्थ यानी ‘हर की पैड़ी एक है जो ब्रह्म कुंड’ भी कहलाता है। यहाँ प्रतिदिन संध्या बेला में गंगा की आरती का दृश्य अति मनोहारी होता है। आरती के बाद गंगा के प्रवाह में बहते दीपकों की आभा देखते ही बनती है। इस दृश्य को देखे बिना हरिद्वार यात्रा अधूरी है। यहाँ पवित्र स्नान हेतु महिलाओं के लिए अलग से घाट हैं। यहाँ पर पुरोहित यजमानों को ‘गंगापूजन’ के साथ अन्य धार्मिक कर्मकांड भी कराते हैं।