chandi devi

ये मंदिर हर की पौड़ी से ४ किलोमीटर्स (२.५ मि) की दुरी पैर स्थित है । इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सबसे पहले चण्डीघाटी की ओर जाने वाले ३ किलोमीटर के ट्रैकिंग मार्ग पैर चलना होता है जिसके पश्चात् मंदिर की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर चढ़कर या फिर उड़नखटोला सुविधा द्वारा इस तीर्थ स्थल तक पंहुचा जा सकता है  । इस सुविदा को चंडीदेवी उड़नखटोला के नाम  से भी जाना जाता है जिसकी स्थापना मुख्य तौर पर तीर्थयात्रीयो की सुविधायो के लिए की गयी है । आपको बता दे केवल चंडी देवी नहीं बल्कि मनसा देवी मंदिर पहुंचने  के लिए भी ये सुविधा उपलब्द कराई जाती है  । ये मार्ग नजीबाबाद रोड पर स्थित गौरी शंकर से शुरू होता है और सीधे चंडी देवी मंदिर जो भमितल से २,९०० मीटर्स (९,५०० ft) की उचाई पर स्थित है । इस रोप मार्ग की कुल लम्बाई ७४० मीटर्स (२,४३० ft ) और इसकी उचाई २०८ मीटर्स (६८२ ft) है । पहाड़ी की दूसरी तरफ एक घाना जंगल है और रोप मार्ग पर जाते समय गंगा नदी और हरिद्वार का अधभूद दृश्य देखने को मिलता है ।