अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माँ चण्डी देवी मन्दिर का इतिहास

मन्दिर के वर्तमान महन्त श्री रोहित गिरी जी को गुरू-शिष्य परम्परा के अन्तर्गत प्राप्त सेवायती अधिकार एवं जानकारी के अनुसार, माँ चण्डी देवी मन्दिर की समस्त देवोत्तर सम्पत्ति का प्रवंन्धन व संचालन 19 शताब्दी के प्रारम्भ से अर्थात लगभग वर्ष 1800 से निम्न प्रकार रहा है :-

मा चंदी देवी.ईन में आपका स्वागत है

माँ चण्डी देवी मन्दिर माँ चंडी देवी विश्व प्रसिद्द हिन्दू तीर्थ हरिद्धार मेंमाँ गंगा अनादि काल से चली आ रही परम पवित्र अवरिल  मोक्ष प्रदायिनी नील धारा के पूर्वी किनारे पर स्थित परम रमणीक नील पर्वत पर स्थित है। माँ चण्डी देवी मन्दिर हरिद्वार के प्रमुख पाँच तीर्थों मे से एक तीर्थ नील पर्वत तीर्थ के नाम से भी जाना जाता रहा है। अनादि काल से माँ चण्डी देवी मन्दिर में माँ की आराधना भक्तो को अकाल मृत्यु, रोग नाश, शत्रुभय आदि कष्टो से मुक्ति प्रदान करने वली तथा प्रत्येक प्रकार की मनोकांक्षा पूर्ण कर अष्टसिद्धि प्रदान करने वाली है।